लंदन, 15 सितंबर (आईएएनएस)। एक अध्ययन में कहा गया है कि स्कूली बच्चों को ओमेगा-3 की खुराक देने से उन्हें पढ़ाई में मन लगने लगता है। ओमेगा-3 के स्रोत मछली के तेल (वसा अम्ल), समुद्री भोजन और कुछ कवक हैं। इससे स्कूली बच्चों के पढ़ने के कौशल में सुधार आता है।
अध्ययन में कहा गया है कि इन वसा अम्लों की खुराक देकर पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे रहे बच्चों की मदद की जा सकती है।
स्वीडेन के गोटेबर्ग विश्वविद्यालय के सालग्रेनस्का एकेडमी के मैट्स जानसन ने कहा, “हमारा अध्ययन सुझाता है कि बच्चों को इस खास तरह के आहार से मदद मिलेगी।”
यह अध्ययन स्वीडेन में तीसरी श्रेणी के नौ और दस साल के 154 स्कूली बच्चों पर किया गया।
बच्चों की एक कंप्यूटर आधारित परीक्षा (लोगोस परीक्षण) ली गई। इसमें उनके कई तरह के पढ़ने के तरीके, पढ़ने की गति, निर्थक शब्द और शब्दावली के पढ़ने की क्षमता की की माप की गई।
बच्चों को बेतरतीब तरीके से तीन महीने तक ओमेगा-3 और ओमेगा-6 के कैप्सूल या एक तरह के पॉम आयल वाले कैप्सूल दिए गए।
जानसन ने कहा, “तीन महीने बाद हमने देखा कि पॉम आयल कैप्सूल वाले बच्चों की तुलना में वसा अम्लों के प्रयोग वाले बच्चों में पढ़ने के तरीके में सुधार हुआ है। इनमें निर्थक शब्दों को भी सही तरीके उच्चारण करने की क्षमता आई और शब्दों को सही क्रम में तेजी से पढ़ने में भी सुधार हुआ।”
यह शोध पत्रिका ‘द जर्नल ऑफ चाइल्स साइकोलॉजी और साइकिएट्री’ में प्रकाशित हुआ है।
dharmpath.com dharmpath