नैरोबी, 24 जून (आईएएनएस)। केन्या में हर एथलीट यह सोच कर परेशान है कि बेहद मुश्किल ट्रायल को पार करते हुए रियो ओलम्पिक में देश का प्रतिनिधित्व कर पाना टेढ़ी खीर है। इसकी वजह है देश में खिलाड़ियों की अधिक संख्या। मध्यम और लंबी दौड़ में तो सैकड़ों एथलीट ऐसे हैं जो ओलंपिक का टिकट पाने के लिए सक्षम हैं। इन्हीं सैकड़ों में से तीन को चुना जाना होता है।
यह बात 800 मीटर दौड़ के ओलंपिक चैम्पियन डेविड रुडिशा ने कही है। उनका कहना है कि केन्या के कठिन परीक्षणों को पार कर रियो ओलम्पिक में देश का प्रतिनिधित्व करना देश के हर एथलीट का सपना है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, चैम्पियन होने के बाद भी रुडिशा जानते हैं कि उन्हें आगामी रियो ओलम्पिक खेलों का टिकट पाने के लिए कठिन परीक्षण का सामना करना है। उनके पूर्व चैंपियन होने का कोई लाभ नहीं मिलने वाला है।
केन्या में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। लंबी और मध्य दूरी की दौड़ में तो बहुत बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। इनमें से किन्हीं तीन को चुनना आसान नहीं है।
इस वर्ष चयन प्रक्रिया 30 जून से 2 अगस्त तक एल्डोरेट में होगी।
अगले सप्ताह एल्डोरेट में होने वाली राष्ट्रीय परीक्षण में हिस्सा लेने के लिए रुडिशा ने यूरोप में प्रशिक्षण शिविर को बीच में छोड़ दिया। उन्होंने कहा, “केन्याई एथलीट होने के कारण कभी-कभी आपको काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। जहां, कई देश ओलम्पिक खेलों में हिस्सा लेने के लिए एकमात्र एथलीट की खोज कर रहे हैं, वहीं केन्या के पास 5000 एथलीट हैं, जो ओलम्पिक में दौड़ने के लिए तैयार हैं। सैकड़ों ऐसे हैं जो ओलंपिक में दौड़ में हिस्सा लेने के लिए अर्हता को पूरा करते हैं, ट्रायल में जितना समय निकलना चाहिए, उतने समय में दौड़ पूरी कर लेते हैं।”
रुडिशा ने कहा कि इन हालात में केन्या के प्रतिनिधित्व का अवसर मिलना हमेशा मुश्किल होता है और इसके लिए चुने जाने वाला खिलाड़ी उस अवसर को अपने दिल के काफी करीब रखता है और उसके लिए अपने देश का प्रतिनिधित्व करना एक सम्मान की बात होती है।
चयन प्रक्रिया के दौरान समापन रेखा तक पहुंचने वाले पहले दो एथलीटों को ही ओलम्पिक टिकट पाने का अवसर मिलता है और तीसरे स्थान पर आए खिलाड़ी को चयन समिति की स्वीकृति का इंतजार करना पड़ता है। और, यह स्वीकृति कई बार सात परदों में छिपी होती है और विवादों में घिरती है।
पिछले साल बीजिंग विश्व चैम्पियनशिप में केन्या टीम के मुख्य कोच जुलियस किरवा ने कहा कि उन्हें एक और एथलीट का चयन योग्यता, निरंतरता, देशभक्ति और संतुलन के आधार पर करना होता है।
किरवा का कहना है कि कई बार चयन प्रक्रिया के दौरान कई एथलीट चोटिल या अस्वस्थ होने के कारण बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं। इसी कारण इस प्रकार के एथलीट के लिए एक स्थान सुरक्षित रखा गया है। लेकिन उनकी सलाह है कि एथलीट को अपना टिकट पक्का करने के लिए पहले दो स्थानों पर ही ध्यान देना चाहिए।
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