यही कारण है कि चीनी कंपनियों ने कजाकस्तान के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में बदलाव के लिए 1.9 अरब डॉलर के निवेश का प्रस्ताव किया है। इसके तहत टमाटर, चिकन व मांस प्रसंस्करण संयंत्रों का कायाकल्प किया जाएगा और तेल की कीमतों में कमी से होने वाले नुकसान की इससे भरपाई करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, “कजाकस्तान के कृषि उत्पादन प्रणाली में निवेश में चीनी कंपनियों का बड़ा हित जुड़ा है। हम अपने देश में उगाए सभी उत्पादों को चीन निर्यात कर सकते हैं।”
यह परियोजना मध्य व दक्षिण एशियाई देशों में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए चीन की ‘बेल्ट एंड रोड योजना’ का ही एक हिस्सा है।
dharmpath.com dharmpath