टोरंटो, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। कनाडा की 338 सदस्यीय संसद के लिए सोमवार को होने जा रहे चुनाव में भारतीय मूल के 40 उम्मीदवार मैदान में हैं।
टोरंटो, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। कनाडा की 338 सदस्यीय संसद के लिए सोमवार को होने जा रहे चुनाव में भारतीय मूल के 40 उम्मीदवार मैदान में हैं।
वर्तमान में 308 सदस्यीय हाउस ऑफ कॉमन्स में आठ भारतीय मूल के कनाडाई सांसद हैं। लेकिन इस बार यह संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि तीन मुख्य पार्टियां टोरीज, लिबरल पार्टी और न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी ने 40 भारतीय मूल के कनाडाई उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जिनमें मौजूदा सासंद भी शामिल हैं।
वर्तमान सांसदों में सबसे अधिक समय तक सेवारत रहे भारतवंशी सांसद दीपक ओबराई हैं, जो विदेश मंत्री के संसदीय सचिव भी हैं।
इसके साथ ही खेल मामलों के राज्यमंत्री बाल गोसाल और बहुसंस्कृतिवाद राज्यमंत्री टिम उप्पल भी हैं।
रोचक यह है कि 10 निर्वाचन क्षेत्रों में कम से कम 10 भारतवंशी उम्मीदवारों के बीच में सीधी टक्कर है।
जिन निर्वाचन क्षेत्रों में ये सीधी टक्कर होगी, उनमें ब्रैंप्टन, सरे, कैलगरी और एडमांटन शामिल हैं। इन जगहों पर अधिक संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं।
कनाडा की तीन मुख्य पार्टियों में 40 भारतीय-कनाडाई उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने के अलावा निर्दलीय रूप से भी कुछ भारतवंशी चुनाव लड़ रहे हैं।
कनाडा के इतिहास में यह अब तक का सबसे लंबे समय तर चलने वाला चुनावी अभियान है, जो 11 सप्ताह तक चला। सोमवार को होने वाले मतदान में हाउस ऑफ कॉमन्स के 338 सदस्यों का चुनाव होगा।
सन् 1993 में भारतीय मूल के सिख गुरबक्स मल्ही कनाडा के पहले भारतवंशी सांसद बने, इन्होंने टोरंटो क्षेत्र से जीत दर्ज की थी।
माल्ही की जीत ने कनाडा की राजनीति में भारतीय मूल के कनाडाई नागरिकों के लिए रास्ते खोले।
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