बेंगलुरु/नई दिल्ली। कड़ी सुरक्षा के बीच कर्नाटक की कुल 224 विधानसभा सीटों में 223 सीटों के लिए आज वोटिंग जारी है। शहरी इलाकों में सुबह के वक्त रुझान थोड़ा कम नजर आ रहा है, लेकिन ग्रामीण इलाकों से खबरें आ रही हैं कि वहां बड़ी संख्या में वोटर मतदान केंद्र में जा रहे हैं। शिमोगा में पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदयुरप्पा वोटिंग शुरू होने से आधे घंटे पहले ही अपने मतदान केंद्र पहुंच गए थे और वहां दूसरे वोटरों के साथ कतार में खड़े दिखे। बेंगलुरु के एक बूथ पर तकनीकि दिक्कतों के कारण मतदान रोक दिया गया है। एक सीट पर बीजेपी उम्मीदवार की मौत हो जाने के कारण अब वहां 28 मई को मतदान होगा। इस बीच, पूरे कर्नाटक में प्रचंड गर्मी को देखते हुए चुनाव आयोग ने वहां वोटिंग की अवधि एक घंटे के लिए बढ़ा दी है। अब वहां सुबह 7 बजे से लेकर शाम के 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे। यह पहला मौका है जब राज्य के करीब 1100 मतदान केंद्रों की निगरानी कैमरे लगाकर की जा रही है। कर्नाटक चुनाव में सत्तारूढ़ बीजेपी की साख दांव पर लगी है। लिंगायत समुदाय के नेता येदयुरप्पा के बीजेपी से अलग होने के बाद पार्टी के वोट बैंक पर असर पड़ सकता है। नॉर्थ कर्नाटक के 12 जिलों में लिंगायत समुदाय का दबदबा है, जो 95 विधायक चुनकर भेजता है। बीजेपी ने चुनाव में लिंगायत नेता जगदीश शेट्टार को ही आगे किया है। अगर आंकड़े की बात करें, तो इस समुदाय के पास राज्य का 21 फीसदी वोट है। वहीं येदयुरप्पा लिंगायत समुदाय के बड़े नेता माने जाते हैं। यह देखकर लगता है कि बीजेपी की राह आसान नहीं है।
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