इस्लामाबाद, 29 मार्च (आईएएनएस)। भारत द्वारा कश्मीर के हालात के आकलन की मंजूरी नहीं दिए जाने पर इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के मानवाधिकार आयोग के सदस्यों ने खेद जताते हुए कहा कि वह इस बारे में आग्रह करना जारी रखेंगे।
ओआईसी की यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान के कब्जे वाली कश्मीर के मुख्यमंत्री रजा फारूक हैदर की उस मांग के प्रतिक्रिया स्वरूप आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हालात का जायजा लेने के लिए आयोग को जल्द से जल्द कश्मीर का दौरा करना चाहिए।
हैदर ने कहा, “कश्मीरी पत्थरबाजी कर रहे हैं, जबकि उनपर बुलेट और पैलेट दागे जा रहे हैं, जिसमें सैंकड़ों मारे गए हैं, जबकि हजारों घायल हुए हैं।”
इंडिपेंडेंट परमानेंट ह्यूमन राइट्स कमिशन (आईपीएचआरसी) के अध्यक्ष एस.के.कागवा ने कहा कि मानवाधिकारों के उल्लंघन को सामने लाने के लिए उनके संगठन को ओआईसी से मंजूरी मिली हुई है।
उन्होंने कहा, “हम छेड़छाड़, दुष्कर्म, पैलेट गन के इस्तेमाल तथा कठोर कानून के संदर्भ में चिंता जाहिर करते हैं।”
कागवा ने कहा कि आईपीएचआरसी ने बीते साल जुलाई में कश्मीर दौरे के लिए भारतीय अधिकारियों से मंजूरी मांगी थी, लेकिन कई बार याद दिलाने के बाद भी अनुरोध को मंजूरी नहीं दी गई।
उन्होंने कहा, “हम हालांकि ऐसा करना बंद नहीं करेंगे और कश्मीर के दौरे की मंजूरी के लिए उन पर दबाव बनाना जारी रखेंगे।”
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