इस्लामाबाद, 24 मार्च (आईएएनएस)। पाकिस्तान ने मंगलवार को कहा कि कश्मीरी लोगों की चाहत के मुताबिक ही कश्मीर मुद्दे का हल होना चाहिए और वे इस मसले का अहम पहलू हैं, इसलिए इसमें उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है।
डॉन ऑनलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के विदेश विभाग ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के प्राधिकार के तहत कश्मीरियों की इच्छा का निर्धारण होगा, जैसा कि प्रासंगिक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) प्रस्ताव में जाहिर किया गया है।
विदेश कार्यालय की प्रवक्ता तस्नीम असलम ने एक बयान में कहा, “कश्मीरी महत्वपूर्ण पक्ष हैं और उनके द्वारा आत्मनिर्णय के अधिकार का प्रयोग करना आवश्यक है।”
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने सोमवार को टिप्पणी की थी कि पाकिस्तान के साथ वार्ता के लिए किसी तीसरे पक्ष की कोई जरूरत नहीं है, जिस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने यह टिप्पणी दी।
अकबरूद्दीन ने कहा, “मैं इस बात को दोहराता हूं कि केवल दो ही पक्ष हैं और भारत-पाकिस्तान मुद्दे के समाधान के लिए किसी तीसरे पक्ष की कोई जरूरत नहीं है। सभी मुद्दों के समाधान का रास्ता शिमला समझौता व लाहौर घोषणापत्र के दायरे में केवल शांतिपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता है।”
वहीं असलम ने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ जम्मू एवं कश्मीर सहित सभी मुद्दों के सतत, बिना शर्त तथा परिणामोन्मुख वार्ता के प्रति प्रतिबद्ध है।
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