पटना-बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव के चुनाव बहिष्कार के बयान ने विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी थी, लेकिन अब कांग्रेस ने इस मुद्दे पर नरम रुख अपनाते हुए इसे रणनीतिक दबाव का हिस्सा बताया है. AICC हेडक्वार्टर में पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने कहा कि इंडिया ब्लॉक के सहयोगी इस मुद्दे पर विचार करेंगे और सभी विकल्प खुले हैं. लेकिन, कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि तेजस्वी का बयान चुनाव आयोग पर दबाव बनाने की रणनीति है, न कि वास्तव में चुनाव बहिष्कार की मंशा.
आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, अल्लावरु पूछाने पर कि क्या यह बयान मतदाताओं में भ्रम पैदा करेगा? तो उन्होंने जवाब दिया, ‘हम मतदाताओं को भ्रमित नहीं कर रहे, बल्कि उन्हें बता रहे हैं कि उनका जनादेश चुराया जा रहा है.’ कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि तेजस्वी का बयान उनकी पीड़ा को दर्शाता है, जो चुनाव आयोग की कथित पक्षपातपूर्ण कार्यशैली के खिलाफ है. उन्होंने साफ किया कि चुनाव बहिष्कार कोई विकल्प नहीं है, खासकर जब हाल के सर्वेक्षणों में महागठबंधन का वोट शेयर बढ़ता दिख रहा है.
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