काठमांडू में पर्यटकों ने भी बढ़ाए मदद के हाथ (लीड-1)

काठमांडू, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के दौरान मौजूद विदेशी नागरिक यहां राहत एवं बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं।

काठमांडू, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के दौरान मौजूद विदेशी नागरिक यहां राहत एवं बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं।

वे हजारों नेपाली युवाओं के साथ काम कर रहे हैं, जो घायलों को विभिन्न अस्पतालों व अस्थायी चिकित्सा केंद्रों में पहुंचाने के काम में लगे हैं। साथ ही वे खाद्य पदार्थ, पानी तथा राहत सामग्रियों को भूकंप प्रभावित इलाकों में पहुंचाने में मदद कर रहे हैं।

कनाडा निवासी एम्मी भूकंप के दौरान नेपाल के दौरे पर थीं। उन्हें पर्वतारोहण के लिए जाना था, लेकिन उन्होंने यह योजना रद्द कर दी और प्रभावित लोगों की मदद शुरू कर दी।

उन्होंने कहा, “अभी पर्वतारोहण के लिए जाना गलत होता। इसलिए, मैं यहां लोगों की मदद कर रही हूं।”

एम्मी ने नेशनल ट्रामा सेंटर के नजदीक जब आईएएनएस से बात की तो फेंकने के लिए उन्होंने हाथ में कचरा ले रखा था।

दुबई के लेखक व वृत्तचित्र निर्माता पौरव शाह ने अगले एक साल तक नेपाल व भारत की यात्रा व एक वृत्तचित्र की शूटिंग की योजना बनाई थी। जिस वक्त भूकंप आया, वे पोखरा में थे।

पोखरा के जिस इलाके में वह अपने मित्रों के साथ ठहरे हुए थे, वहां ज्यादा तबाही नहीं मची। अगले दिन वे काठमांडू गए, क्योंकि सड़कों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था। वे एक हॉस्टल में गए, जहां उन्होंने विभिन्न देशों से आए 30 अन्य युवाओं को राहत कार्य में मदद करते देखा।

भारतीय मूल के शाह ने कहा कि हमने राहत संगठन, स्थानीय कंपनियों तथा कारोबारी लोगों से संपर्क किया, जो हमारी सेवा के इच्छुक थे। उनमें से कुछ ने हमें खाद्य पदार्थ, टेंट तथा अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराई, जबकि कुछ ने पैसे। उन्होंने कहा, “यहां लोगों की सख्त जरूरत है और मुझे उम्मीद है कि मुझसे जितना बन पाएगा मैं मदद करूंगा।”

अमेरिका से आई तीन युवतियां भी अस्पताल में लोगों की मदद कर रही हैं। उनके लिए भाषा बाधा बन रही हैं, लेकिन वे दृढ़ हैं। वे चिकित्सकों के निर्देशों का पालन कर रही हैं और घायलों की मदद कर रही हैं।

वे वालिंटियर नेपाल से जुड़ी हैं और मार्च से इसी देश में काम कर रही हैं।

एक नेपाली युवती रूबैका सातकोटा ने कहा कि वह 25 अप्रैल को भूकंप आने के बाद से व्यस्त है। वे चिकित्सकों व स्वयंसेवकों को सर्जिकल ग्लब्स देने तथा चाय बांटने में मदद कर रही हैं।

ये उन हजारों युवा नेपालियों में हैं, जो मदद के लिए तैयार हैं और सबका मदद करने का अपना-अपना तरीका है।

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