काठमांडू, 10 नवंबर –18वें दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) की बैठक के वक्त भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काठमांडू यात्रा के दौरान भारत और नेपाल के बीच कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इनमें एक समझौता काठमांडू और वाराणसी तथा जनकपुर व अयोध्या को जोड़ने से संबंधित होगा।
नेपाल व भारत के शहरों के बीच संपर्क संबंधी समझौता ज्ञापन पर 26-27 नवंबर को मोदी के नेपाल दौरे के दौरान हस्ताक्षर किए जाएंगे।
काठमांडू में जहां पशुपतिनाथ मंदिर स्थित है और वहां कई छोटे और बड़े मंदिर हैं, वहीं वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर तथा कई मंदिर और गंगा नदी के तटों पर बने घाट हैं।
भारतीय पौराणिक कथाओं के अनुसार, अयोध्या में भगवान राम का जन्म हुआ था, वहीं जनकपुर उनकी पत्नी सीता का घर है।
नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता खगनाथ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “चार शहरों-काठमांडू, जनकपुर, वाराणसी और अयोध्या के बीच संबंध स्थापित करने की वजह धार्मिक और सांस्कृतिक दोनों है, क्योंकि दोनों ही देश इनके धरोहर और पवित्रता को बरकरार रखते हुए इसे गति देना चाहते हैं।”
पशुपतिनाथ बागमती के किनारे और वाराणसी गंगा के किनारे स्थित है। दोनों देशों की सरकारों ने इन दोनों नदियों की सफाई का काम शुरू किया है।
नेपाली और भारतीय अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के अनुसार, इसके अतिरिक्त मोदी के दौरे पर चार अन्य समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया जाएगा। इसी वक्त भारत की मदद से बनाया गया ट्रॉमा सेंटर भी नेपाल के सुपुर्द किया जाएगा।
इसके अलावा द्विपक्षीय मोटर वाहन समझौता से जुड़े समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कराने की भी तैयारी और एक अरब डॉलर के सरल ऋण नेपाल को देने के नियम एवं शर्तो को अंतिम रूप देने पर भी काम चल रहा है। इस ऋण की पेशकश मोदी ने अगस्त में नेपाल दौरे पर किया था।
नेपाल के विदेश एवं वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि सरल ऋण के नियम एवं शर्तो पर समझौता करने के अलावा दोनों तरफ अधिकारी एक अरब डॉलर के सरल ऋण पर नेपाल की ओर से शुरू कए जाने वाली परियोजना पर काम कर रहे हैं।
मोदी के दौरे पर इन्वेस्टमेंट बोर्ड नेपाल और सतलुज जल विद्युत निगम से जुड़े विकास परियोजना से संबंधित समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
dharmpath.com dharmpath