रालोद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद अहमद ने कहा कि पुरानी पटरियों की उचित देखभाल नहीं कराई जा रही है और रेल हादसे हो रहे हैं, जिनमें लोग अकाल मृत्यु का ग्रास बन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जांच की महज खानापूर्ति की जाती है और मरने वालों के परिवार को अपर्याप्त मुआवजा देकर छुट्टी पा ली जाती है।
डॉ. अहमद ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री बुलेट ट्रेन का दिवास्वप्न देख रहे हैं और दूसरी ओर हकीकत यह है कि अपने ही संसाधनों की देखभाल करने की क्षमता नहीं रख पा रहे हैं। प्रधानमंत्री और रेलमंत्री को स्वयं ट्रेन में बैठकर भ्रमण करना चाहिए और संपूर्ण रेलवे मशीनरी का निरीक्षण करना चाहिए। यात्रियों की जान लेने का हक उन्हें नहीं है।
रालोद अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से मांग की है कि आकस्मिक मृत्यु का शिकार हुए लोगों के परिजनों को दस लाख रुपये तथा घायलों को कम से कम दो लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, ताकि वे और उनके परिवार के सदस्य इस दुख की घड़ी में कुछ राहत महसूस कर सकें।
dharmpath.com dharmpath