काठमांडू, 21 जून (आईएएनएस)। नेपाल सरकार ने सोमवार को काबुल में आत्मघाती हमले में मारे गए नेपाल के 12 नागरिकों के शवों को स्वदेश लाने के लिए विमान अफगानिस्तान भेजने का फैसला किया है।
प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली के प्रेस सलाहकार प्रमोद दहल ने समाचार एजेंसी सिन्हुआ को बताया कि प्रधानमंत्री और अन्य मंत्रियों की मंगलवार सुबह हुई बैठक में नेपाल एयरलाइंस के विमान को काबुल भेजने का फैसला किया गया ताकि शवों को लाया जा सके।
उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री कमल थापा ने कहा कि सरकार ने घायलों को और मृतकों के ताबूतों को स्वदेश लाने के लिए विमान काबुल भेजने का फैसला किया है।
नेपाल के नागरिक काबुल में कनाडा दूतावास में सुरक्षाकर्मी के रूप में तैनात थे। इन्हें ब्रिटेन की सुरक्षा सलाहकार कंपनी साबरे इंटरनेशनल ने तैनात किया था।
कनाडा दूतावास में काम करने वाले सात नेपाली सुरक्षाकर्मी इस हमले में घायल हुए हैं।
काबुल में सोमवार को एक मिनीबस पर हुए आत्मघाती हमले में 14 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी, जिसमें से 12 नेपाल के और दो भारत के थे। हमले में नौ लोग घायल हुए हैं।
इस्लामाबाद में नेपाल के कार्यवाहक राजदूत तीर्थ राज अरयाल नेपाली नागरिकों के शवों और घायलों को स्वदेश पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए काबुल पहुंच गए हैं।
अफगानिस्तान में नेपाल का दूतावास नहीं है। इस्लामाबाद स्थित नेपाल का दूतावास ही अफगानिस्तान के मामलों की देखरेख करता है।
नेपाल विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता भरत राज पौडयाल ने कहा कि हमले में मारे गए सभी 12 नेपाली नागरिकों की पहचान कर ली गई है।
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