पेरिस, 11 जून (आईएएनएस)। फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट का खिताब जीतने वाली पहली गैर-वरीय खिलाड़ी जेलेना ओस्टापेंको का मानना है कि कुछ भी संभव है।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, 1933 के बाद ओस्टापेंको पहली ऐसी टेनिस खिलाड़ी हैं, जिन्होंने फ्रेंच ओपन खिताब जीता है।
लातविया की युवा टेनिस खिलाड़ी ओस्टापेंको ने शनिवार को साल के दूसरे ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट फ्रेंच ओपन के महिला एकल वर्ग का खिताब अपने नाम कर लिया है।
ओस्टापेंको ने फाइनल में उलटफेर करते हुए रोमानिया की सिमोना हालेप को मात दी। उन्होंने तीन सेटों तक चले इस मैच में हालेप को 4-6, 6-4, 6-3 से मात दी। यह मुकाबला एक घंटे 59 मिनट तक चला।
ओस्टापेंको ने कहा, “मुझे हमेशा से लगता था कि मैं अच्छा प्रदर्शन कर सकती हूं। किसी ने मुझे सिखाया नहीं। मैंने बस अपने तरीके से खेला। मुझे लगता है कि मैं ऐसी ही खिलाड़ी हूं।”
इस टूर्नामेंट में मिली जीत के बाद ओस्टापेंको 47वें स्थान से विश्व रैंकिंग में 12वें स्थान पर पहुंच जाएंगी।
फ्रेंच ओपन की खिताबी जीत का रास्ता तय करने वाली ओस्टापेंको ने अपने अभियान के दौरान ओलम्पिक विजेता मोनिका पुइग, सैम स्तोसुर, पूर्व शीर्ष विश्व वरीयता प्राप्त कैरोलिन वोजनियाकी और टीमिया को मात दी।
अपने अब तक के करियर में केवल 10 लाख पाउंड कमाने वाली पेशेवर टेनिस खिलाड़ी ओस्टापेंको इस ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट को जीतने के बाद 16.5 लाख की धनराशि पुरस्कार स्वरूप जीत चुकी हैं।
इस बारे में 20 वर्षीया ओस्टापेंको ने कहा, “मैंने इस बारे में नहीं सोचा था। मैंरा लक्ष्य केवल खिताबी जीत हासिल करना था।”
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