यह दावा एक नए अध्ययन में किया गया है, जिसे यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया ने किया है। यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर स्टैनली कोरेन ने बताया कि कुत्ते को पकड़ने से उनके तनाव का स्तर बढ़ता है और यदि तनाव का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है तो वह काट भी सकता है।
यह अध्ययन ‘साइकालजी टूडे’ में प्रकाशित हुआ है, जिसमें स्टेनली ने लिखा है, तनाव महसूस होने पर कुत्ता अपनी आखें बंद कर लेता है या दूसरी तरफ देखने लगता है। साथ ही उसके कान भी चौकóो नहीं रह जाते और वह जम्हाई लेने लगता है। ऐसी स्थिति में वह अपने होंठ भी चाटने लगता है।
स्टैनली के अनुसार, यह अध्ययन बताता है कि इंटरनेट पर हम कुत्तों को इंसानों द्वारा गले लगाती जो भी खुशगवार तस्वीरें देखते हैं, वास्तव में उनमें सिर्फ इंसान ही खुश होते हैं, जबकि कुत्ते नाखुश होते हैं।
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