तिरुवनंतपुरम,| केरल के कन्नूर में कुछ दिनों पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता के. टी. मनोज की हत्या के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी गई है। एक मंत्री ने यह जानकारी दी। राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि राज्य के पुलिस महानिदेशक ने कुछ विशेष कारणों से मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की है।
उन्होंने कहा, “इस मामले के आरोपी के तार बाहर के राज्यों से जुड़े हैं, यहां तक कि बाहरी देशों से उसके तार जुड़े होने की बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इस हत्या के पीछे का उद्देश्य कन्नूर जिले और आसपास के क्षेत्र में शांति भंग करना जान पड़ता है और इसमें साजिश भी लगती है। इसलिए जब पुलिस प्रमुख ने सीबीआई जांच की सिफारिश की, तो स्वीकार कर लिया गया।”
उल्लेखनीय है कि बीते सोमवार को कुछ लोगों ने मनोज की गाड़ी में देसी बम रखे थे और बाद में बेरहमी से उसकी हत्या कर दी थी।
मामले में आठ लोगों को आरोपी के रूप में नामजद किया गया है, जिसमें मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कार्यकर्ता विक्रमन भी शामिल हैं, लेकिन अब तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
कन्नूर जिला सालों से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)- आरएसएस और माकपा के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़पों और घटनाओं का गवाह रहा है, इसके बावजूद मामला कभी भी ज्यादा नहीं बिगड़ा था।
लेकिन मनोज की हत्या की घटना ने यहां शांति भंग कर दिया, जिसके नतीजे स्वरूप शहर में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।
गौरतलब है कि मनोज 1999 में माकपा की कन्नूर इकाई के सचिव पी. जयराजन की हत्या की असफल साजिश रचने के आरोपियों में से एक था।
मनोज की हत्या के बाद जयराजन के बेटे जैन राज ने सोशल नेटवर्किं ग वेबसाइट पर एक पोस्ट में लिखा- “इसका लंबे समय से इंतजार था”। इसके बाद भाजपा-आरएसएस के कार्यकर्ता भड़क उठे।
जैन राज पर उनके इस पोस्ट के लिए आईटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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