नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। सरकार ने शनिवार को कहा कि आयकर (आईटी) अधिनियम, 1961 की धारा 139ए के अंतर्गत कॉरपोरेट के लिए पैन कार्ड प्राप्त करने हेतु नियमों को सरल बनाया गया है और किसी कंपनी के मामले में कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) द्वारा जारी आवेदन के निगमन (सीओआई) को स्थायी खाता संख्या (पैन) के आवंटन और कर कटौती और संग्रह खाता संख्या (टैन) के आवंटन के लिए पर्याप्त माना जाएगा।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “वित्त अधिनियम, 2018 में आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139ए में संशोधन किया गया, जिसमें परतदार कार्ड के रूप में पैन जारी करने की आवश्यकता को हटा दिया गया था। इसलिए, यह स्पष्ट कर दिया गया है कि एमसीए द्वारा जारी सीओआई में उल्लिखित पैन और टैन को भी कंपनी के निर्धारिती पैन और टैन के पर्याप्त प्रमाण के रूप में माना जाएगा।”
बयान में आगे कहा गया है कि किसी भी कंपनी के मामले में, आवेदन के निगमन, स्थायी खाता संख्या (पैन) का आवंटन और कर कटौती और संग्रह खाता संख्या (टैन) का आवंटन कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) को एक सामान्य आवेदन प्रपत्र के माध्यम से एक ही साथ किया जा सकता है।
बयान में कहा गया है, “इन मामलों में एमसीए द्वारा जारी किए गए सर्टिफिकेट ऑफ इनकार्पोरेशन (सीओआई) में दोनों पैन और टैन का उल्लेख है।”
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