उल्लेखनीय है कि 19 सितंबर 2005 को छह देशों के बीच कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु मुक्त बनाने के लिए एक संयुक्त बयान जारी किया गया था, जिसमें कोरियाई प्रायद्वीप में स्थायी शांति तंत्र स्थापित करने के लिए वार्ता किया जाना शामिल है।
उन्होंने कहा कि यह संयुक्त बयान अभी अप्रासंगिक नहीं हुआ है। यह संयुक्त बयान कोरियाई प्रायद्वीप परमाणु मुद्दे का समाधान निकालने का सर्वोत्तम तरीका है। इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए सही कदम है।
2005 में छह देशों की चर्चा के दौरान चीन, उत्तर कोरिया, अमेरिका, दक्षिण कोरिया, रूस और जापान ने इस दस्तावेज को पेश किया था। इस मुद्दे पर 2003 में शुरू की गई चर्चा के बाद इस समझौते को व्यापक स्तर पर सर्वाधिक महत्वपूर्ण समझौता समझा गया। इसका उद्देश्य क्षेत्र को परमाणु हथियारों से मुक्त करना है।
उत्तर कोरिया सभी परमाणु हथियारों और मौजूदा परमाणु कार्यक्रमों से दूर रहने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन वह परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल का आग्रह कर रहा है। वांग ने सभी छह देशों से इस बयान की विषयवस्तु, सिद्धांतों और संकल्पनाओं से जुड़े रहने का आह्ववान किया है।
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