वाशिंगटन, 2 अगस्त (आईएएनएस)। 1950-1953 में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के संभावित अवशेष बुधवार को वाशिंगटन पहुंच गए।
दोनों देशों के नेताओं के बीच हुए समझौते के तहत कुछ दिन पहले ही उत्तर कोरिया ने ये अवशेष लौटाए थे।
दक्षिण कोरिया से अमेरिकी झंडे में लिपटे ताबूतों के अंदर रखे गए अवशेष हवाई में अमेरिकी नौसैन्य अड्डे पर्ल हार्बर पहुंचे जहां देश के उपराष्ट्रपति माइक पेंस की अध्यक्षता में एक समारोह आयोजित किया गया था।
समाचार एजेंसी ‘एफे’ के अनुसार, जब उत्तरी कोरिया ने 27 जुलाई को कोरिया में संयुक्त राष्ट्र कमांड के सदस्यों को अवशेष सौंपे थे तो ताबूत संयुक्त राष्ट्र के झंडे में लिपटे थे।
पेंस जिनके पिता कोरियाई युद्ध का हिस्सा थे। उन्होंने कहा कि अमेरिका तब तक प्रयास करना बंद नहीं करेगा जब तक कि कोरियाई युद्ध में जान गंवाने वाले हर सैनिक के अवशेष स्वेदश वापस नहीं आ जाते।
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