लख्ननऊ-उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं. भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी के बीच सीधी लड़ाई की चर्चा के बीच अब राज्य की राजनीति में एक नया समीकरण बनता दिखाई दे रहा है. न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM), आजाद समाज पार्टी (ASP) और अपना दल (कमेरावादी) जैसे दल मुस्लिम और दलित वोटों को एक मंच पर लाने की कोशिश में जुटे हैं. अगर यह प्रयोग सफल होता है, तो इसका असर सीधे BJP और समाजवादी पार्टी दोनों के चुनावी गणित पर पड़ सकता UP में लोकसभा की 80 और विधानसभा की 403 सीटे,2022 के चुनाव में 273 सीटों के साथ बनी NDA सरकारअखिलेश की समाजवादी पार्टी को मिली थी 111 सीटेंचुनाव में OBC, दलित, मुस्लिम और सवर्ण वोट बैंक अहम.
रिपोर्ट के मुताबिक, 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में 5 राज्यों की 12 क्षेत्रीय पार्टियां थर्ड फ्रंट के तौर पर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही हैं. इनमें बिहार की जनता दल यूनाइटेड (JDU), लोक जनशक्ति पार्टी (LJP), राष्ट्रीय जनता दल (RJD), विकासशील इंसान पार्टी शामिल हैं. झारखंड से झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), दिल्ली से आम आदमी पार्टी(AAP), महाराष्ट्र से शिवसेना (UBT), NCP (शरद पवार गुट) और दक्षिण भारत के राज्य तेलंगाना से ओवैसी की पार्टी AIMIM यूपी के चुनाव में अपने कैंडिडेट उतार सकती हैं. वहीं, लेफ्ट फ्रंट से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), CPI-ML यूपी में अपनी किस्मत आजमाना चाहती हैं.
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