क्या है तोशाखाना मामला?

इस्लामाबाद – पाकिस्तान की एक अदालत ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को भ्रष्टाचार के एक मामले में तीन साल जेल की सजा सुनाई.इस मामले में खान पर सत्ता में रहने के दौरान उन महंगे उपहारों को बेचकर लाभ हासिल करने का आरोप था, जिसे उन्होंने सरकारी भंडार (तोशाखाना) से हासिल किया था.तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद खान को गिरफ्तार कर लिया गया.इस्लामाबाद स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश हुमायूं दिलावर ने खान पर 1,00,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया.अदालत ने साथ ही कहा कि जुर्माना नहीं देने पर उन्हें छह महीने अतिरिक्त जेल में रहना होगा.

इमरान खान (70) को तोशाखाना मामले में दोषी ठहराया गया.यह मामला पिछले साल पाकिस्तान निर्वाचन आयोग (ईसीपी) की शिकायत पर दायर किया गया था, जिसने पहले उन्हें उसी मामले में सार्वजनिक पद संभालने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था. इस्लामाबाद हाई कोर्ट (आईएचसी) द्वारा खान के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही के लिए तोशाखाना मामले की विचार योग्य को बरकरार रखने के सत्र अदालत के फैसले को रद्द करने के एक दिन बाद यह फैसला आया. इस सजा के बाद इमरान खान अब पांच साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे.

पाकिस्तान में तोशाखाना कैबिनेट प्रभाग के अंतर्गत एक विभाग है, जहां अन्य सरकारों के प्रमुखों और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों द्वारा प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और सरकारी अधिकारियों को दिए गए उपहारों को रखा जाता है. इमरान खान ने तोशाखाना से कुछ उपहार खरीदे, जिनमें एक कीमती घड़ी भी शामिल थी और उसे लाभ कमाने के लिए बेच दिया.  आम भाषा में कहें तो तोशाखाना वह चीज है जहां पर देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति समेत देश के संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को मिले गिफ्ट को रखा जाता है. विदेशों से मिले गिफ्ट पर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति समेत किसी को भी मुफ्त में लेने का अधिकार नहीं है. अगर कोई लेना चाहता है तो कीमत के हिसाब से निर्धारित कुछ रुपये जमाकर कराकर गिफ्ट को लिया जा सकता है.

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