नई दिल्ली, 30 अगस्त (आईएएनएस)। देश को शीर्ष बैडमिंटन प्रतिभाएं देने वाले राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का खेलों की ओर रुझान सराहनीय है और केंद्र की मौजूदा सरकार देश में खेलों को सर्वाधिक मददगार रही है।
उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही गोपीचंद की शिष्या रियो ओलम्पिक में रजत पदक जीतने वाली पी. वी. सिंधु को राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार प्रदान किया गया।
गोपीचंद ने कहा कि प्रधानमंत्री की तरफ से खेलों के प्रति रूचि दिखाए जाने के कारण देश में खिलाड़ियों का मनोबल ऊंचा उठा है।
गोपीचंद ने यहां पत्रकारों से कहा, “जब आपके प्रधानमंत्री मैच के बीच में ट्वीट करते हैं, तो आप इससे समझ सकते हैं कि वह किस कदर खेलों में रूचि ले रहे हैं। सिर्फ ओलम्पिक के दौरान ही नहीं बल्कि ओलम्पिक से ठीक पहले उन्होंने हर खिलाड़ी से निजी तौर पर मुलाकात की और ओलम्पिक खेलों से लौटने के बाद भी वह सभी खिलाड़ियों से दोबारा मिले।”
गोपीचंद ने कहा, “देश के सर्वोच्च पदस्थ व्यक्ति की ओर से इतनी रूचि दिखाए जाने से खिलाड़ियों का मनोबल ऊंचा उठता है।”
उल्लेखनीय है कि गोपीचंद की ही शिष्या रह चुकीं देश की शीर्ष महिला खिलाड़ी सायना नेहवाल पिछले ओलम्पिक खेलों में देश के लिए कांस्य पदक जीती थीं।
गोपीचंद ने खिलाड़ियों की अवहेलना करने के लिए पूर्व केंद्र सरकारों की आलोचना भी की।
उन्होंने कहा, “लंदन ओलम्पिक के बाद मैं और सायना प्रधानमंत्री कार्यालय गए थे, जहां हमें प्रधानमंत्री से मिलने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा था। हम वहां बैठे प्रधानमंत्री से मिलने का इंतजार कर रहे थे और किसी को कोई फर्क नहीं पड़ रहा था। ऐसा लग रहा था जैसे हम किसी राजनीतिक दल के आम कार्यकर्ता हों। आखिर हमने ओलम्पिक पदक जीता है, लेकिन किसी को कोई परवाह ही नहीं थी।”
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