गाजा, 30 मार्च (आईएएनएस)। गाजापट्टी और इजरायल की सीमा के समीप शुक्रवार को एक मार्च के दौरान इजरायली सैनिकों और फिलिस्तीनियों के बीच हुई हिसक झड़प में कम से कम 7 फिलिस्तीनी नागरिक मारे गए हैं और 500 से ज्यादा घायल हो गए हैं।
बीबीसी की रपट के अनुसार, फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्री ने मौतों की पुष्टि की है और रपटों के अनुसार 550 से ज्यादा फिलिस्तीनी घायल हुए हैं। फिलिस्तीनियों ने शुक्रवार को ‘ग्रेट मार्च ऑफ रिटर्न’ कहे जाने वाले छह हफ्तों के विरोध प्रदर्शन की शुरुआत गाजापट्टी में इजरायली सीमा पर की है जहां बड़ी संख्या में इजरायली सैनिक तैनात हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि इजरायली सेना ने सीमा की बाज तक फिलिस्तीनियों को पहुंचने से रोकने के लिए और अधिक सैनिकों, हथियारबंद वाहनों, स्नाइपर्स, खोजी कुत्तों, रबर बुलेट और कारतूस आदि भेजा है।
यहां गाजा पट्टी के पूर्वी भाग में हजारों की संख्या में फिलिस्तीनी छह विभिन्न जगहों से आए हुए हैं जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अशरफ अल केद्रा ने कहा, “इससे पहले सीमा के समीप इजरायली सैनिकों ने खान यूनिस के पूर्व अल-गरारा शहर में दो किसानों को निशाना बनाया, जिसमें उमर वाहिद सामुर (27) की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया।”
उन्होंने कहा, “बाद में, इजरायली सैनिकों ने पूर्वी गाजापट्टी के समीप छह फिलिस्तीनी प्रदर्शनकारियों को मार डाला।”
फिलिस्तीनी 30 मार्च को ‘भूमि दिवस’ मनाते हैं। 1976 में इसी दिन जमीन हड़पने के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान इजरायली सैनिकों ने छह फिलिस्तीनियों को मार डाला था।
इजरायली डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने कहा कि सीमा क्षेत्र पर पांच विभिन्न जगहों पर लगभग 17,000 फिलिस्तीनियों आए हुए हैं। इजरायल के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह मार्च इजरायल के साथ तकरार को भड़काने का सोचा समझा प्रयास है और इससे होने वाले संघर्ष की जिम्मेदारी फिलिस्तीनी संगठन हमास व अन्य संगठनों की होगी।
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