गिनी में इबोला टीकाकरण का परीक्षण शुरू करेगा डब्ल्यूएचओ

संयुक्त राष्ट्र, 6 मार्च (आईएएनएस)। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने घोषणा की है कि वह इसी हफ्ते से गिनी में इबोला के टीकाकरण का परीक्षण शुरू कर देगा। इन परीक्षणों से वह जांचेगा कि यह टीका इबोला रोकने में प्रभावी है अथवा नहीं।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, डब्ल्यूएचओ ने गुरुवार को बताया कि इबोला से विश्व के सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक गिनी में वीएसवी-ईबीओवी टीके के तीसरे चरण की परीक्षण प्रक्रिया सात मार्च से शुरू होगी।

डब्लूएचओ के महानिदेशक मार्गरेट चान ने जेनेवा में कहा, “अगर टीका प्रभावी पाया जाता है, तो इतिहास में इबोला के खिलाफ यह पहला निवारक उपकरण होगा।”

डब्ल्यूएचओ द्वारा जारी ताजा जानकारी के मुताबिक पश्चिमी अफ्रीका में एक मार्च वाले सप्ताह में इबोला के 132 नए मामले सामने आए हैं, वहीं पिछले सप्ताह इबोला के 99 नए मामले दर्ज किए गए थे। गिनी में हाल के दिनों में दर्ज होने वाले इबोला के नए मामलों की संख्या में इजाफा हुआ है।

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि टीकाकरण ‘बेस गिनी’ क्षेत्रों में किए जाएंगे, जहां पर गिनी में फिलहाल सबसे ज्यादा इबोला पीड़ित हैं।

डब्ल्यूएचओ ने कहा, “वीएसवी-ईबीओवी टीका का परीक्षण इबोला प्रायोगिक हस्तक्षेपों पर डब्ल्यूएचओ की वैज्ञानिक और तकनीकी सलाहकार समिति द्वारा विकसित किए गए मानकों की रूपरेखा के मुताबिक बनाई गई योजना के आधार पर किया जाएगा।”

वीएसवी-ईबीओवी टीका कनाडा की पब्लिक हेल्थ एजेंसी द्वारा तैयार किया गया है। इस टीके का लाइसेंस न्यूलिंक जेनेटिक्स को दिया गया है। यह कंपनी इम्युनोथेरेपी विकसित कर रही है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493