वाशिंगटन, 5 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिका में निर्वासित जीवन जी रहे धार्मिक नेता फेतुल्लाह गुलेन ने तुर्की में सैन्य तख्तापलट के प्रयास में शामिल होने के आरोप का खंडन करते हुए इस्तांबुल अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट की खबर का खंडन किया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने गुलेन के हवाले से गुरुवार को बताया, “यह अच्छी तरह से प्रलेखित है कि तुर्की की न्यायालय प्रणाली बगैर न्यायिक स्वतंत्रता के है, इसलिए यह वारंट तुर्की के राष्ट्रपति (रसेप तईप एर्दोगन के तानाशाही की ओर बढ़ने और लोकतंत्र से दूरी बनाने का एक और उदाहरण है।”
यह बयान तुर्की की अदालत द्वारा देश में तख्तापलट को निर्देशित करने के आरोप को लेकर गुलेन की गिरफ्तारी का वारंट जारी करने के बाद आया।
एर्दोगन ने कई बार अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में निर्वासित जीवन जी रहे मौलवी पर सैन्य तख्तापलट की साजिश रचने वाले 100 से अधिक ‘षड्यंत्रकारियों में शामिल होने का आरोप लगाया है। इस प्रयास में कम से कम 290 लोग मारे गए थे।
तुर्की सरकार ने गुलेन के प्रत्यर्पण के लिए अमेरिका को पहले ही डोजियर भेज दिया है।
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