कमांडर एलन शेफर्ड के साथ मिशेल अपोलो-14 अभियान से जुड़े और चंद्रमा की फ्रा मौरो पहाड़ियों पर उतरे।
शेफर्ड और मिशेल को इस चंद्र अभियान पर चंद्रमा की सतह पर वैज्ञानिक उपकरण स्थापित करने और संचार परीक्षण करने भेजा गया था। इसके अलावा उन्होंने चंद्रमा की सतह की तस्वीरें लीं।
मिशेल की यह पहली अंतरिक्ष यात्रा थी।
मिशेल और शेफर्ड ने इस अभियान के दौरान चंद्रमा की सतह पर सर्वाधिक दूरी की पदयात्रा करने और चंद्रमा से सर्वाधिक भार पृथ्वी पर लाने और चंद्रमा पर सर्वाधिक (33 घंटे) रुकने का रिकॉर्ड बनाया।
चंद्रमा की सतह से उन्होंने पहली बार रंगीन टेलीविजन प्रसारण भी किया।
मिशेल चंद्रमा की सतह से अनेक तरह के चट्टानों और मिट्टी के नमूने भी लाए, जिनका कुल वजन 94 पाउंड था। इन सामग्रियों को विश्लेषण के लिए अमेरिकी वैज्ञानिकों की 187 टीमों और 14 अन्य देशों के वैज्ञानिकों को दिया गया।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के प्रशासक चार्ल्स बोल्डेन ने एक वक्तव्य जारी कर कहा, “अपोलो-14 अभियान का हिस्सा रहे एडगर उन मात्र 12 वैज्ञानिकों में से एक रहे जिन्होंने चंद्रमा पर पैर रखा। उन्होंने अंतरिक्ष से हमारी पृथ्वी को देखने के नजरिए को बदलने में मदद की।”
मिशेल ने अपनी पुस्तक ‘द वे ऑफ द एक्सप्लोरर’ में लिखा है, “अंतरिक्ष यात्री के तौर पर हमारी उपस्थिति और खुद अंतरिक्ष की उपस्थिति किसी दुर्घटना का परिणाम नहीं थी, बल्कि इसके पीछे इन सबके पीछे एक ज्ञान और शिक्षा की एक पूरी प्रक्रिया थी।”
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