पार्क की प्रवक्ता एलेक्सजैंड्रा विदानोवस्की ने शनिवार को समाचार एजेंसी को बताया, “हाओ हाओ पांडा से जन्मा पांडा चार साल के लिए यहीं रहेगा। पांडा का मालिकाना अधिकार चीन के पास ही रहेगा।”
उन्होंने कहा कि पार्क चीन के साथ इस पांडा के नामकरण पर चर्चा करेगा। उन्होंने कहा, “हमें नाम रखने की कोई जल्दी नहीं है। इस वक्त सबसे अहम बात पांडा का जिंदा रहना सुनिश्चित करना है।”
बेल्जियम की मीडिया के अनुसार, बेबी पांडा का नाम सार्वजनिक होने में करीब 100 दिनों का समय लगेगा। इससे बेबी पांडा के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने का समय मिल जाएगा। पांडा का नाम चीनी संस्कृति के आधार पर रखा जाएगा।
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