माल ढुलाई को आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख संकेतक माना जाता है।
नेशनल डेवलपमेंट एंड रिफॉर्म कमिशन (एनडीआरसी) के आंकड़ों के मुताबिक, रेलवे ने अक्टूबर में 28 करोड़ टन माल ढुलाई की, जो साल-दर-साल आधार पर 16.3 फीसदी कम है। इसी तरह माल ढुलाई सितंबर में 15.6 फीसदी और अगस्त में 15.3 फीसदी कम रही थी।
एनडीआरसी ने कहा कि 2015 के प्रथम 10 महीनों में ढुलाई 11.9 फीसदी कम 2.8 अरब टन रही, जो प्रथम नौ महीने में ढुलाई में हुई 11.4 फीसदी गिरावट की तुलना में काफी अधिक है।
यह आंकड़ा तब आया है, जब महंगाई के संकेतक में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे पता चलता है कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में मांग कम चल रही है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, महंगाई के प्रमुख संकेतक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में अक्टूबर में साल-दर-साल आधार पर 1.3 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई, जबकि सितंबर में 1.6 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई थी।
उत्पादक मूल्य सूचकांक में इस दौरान 5.9 फीसदी गिरावट दर्ज की गई।
संपत्ति में निवेश घटने, औद्योगिक सुस्ती बनी रहने और व्यापार में गिरावट के कारण चीन की अर्थव्यवस्था में सुस्ती बनी हुई है। 2015 की तीसरी तिमाही में चीन की विकास दर 6.9 फीसदी रही, जो 2009 की दूसरी तिमाही के बाद का निचला स्तर है।
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