यी ने कहा, “2015 में फॉरेक्स करीब 500 अरब डॉलर घट गया। यह मुख्यत: नागरिकों और कंपनियों के पास गया।”
यी ने कहा गत वर्ष बैंकों ने अपना डॉलर करीब 100 अरब डॉलर बढ़ाया और डॉलर में लिए गए कारपोरेट ऋण में करीब 100 अरब डॉलर की कमी आई।
यी ने कहा कि गत वर्ष व्यक्तियों और कंपनियों द्वारा विदेश में किया गया भुगतान विदेश से चीन आने वाले भुगतान की अपेक्षा 240 अरब डॉलर अधिक रहा।
विदेश जाने वाला अधिकांश भुगतान पर्यटन, शिक्षा और खपत संबंधी मदों में गया। यी ने कहा कि इसके साथ गत वर्ष डॉलर मजबूत भी हुआ।
यी ने कहा, “कुल मिलाकर कहा जा सकता है फॉरेक्स में गिरावट को आम आदमी और कंपनियों को हुए लाभ के रूप में देखा जा सकता है।”
dharmpath.com dharmpath