इस दौरान पेंग ने जर्मनी के शहर एसेन में बर्ग ग्रामर स्कूल के अपने दौरे को याद किया, जहां वह शी जिनपिंग के साथ मार्च 2014 में गई थीं।
इस दौरान पेंग ने जर्मन छात्रों को चीनी भाषा जानने और इसकी समृद्ध संस्कृति को सीखने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि वे एक दिन चीन-जर्मनी मित्रता के दूत बन सकें।
यह चीन-जर्मनी युवा आदान-प्रदान का वर्ष है। पेंग ने आशा व्यक्त की कि यह पहल अधिक युवा लोगों के विनिमय अवसरों को बढ़ाने और एक-दूसरे से सीखने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
वहीं, इस मौके पर जर्मन छात्रों का कहना था कि वे चीन व चीनी संस्कृति में बहुत ही रुचि रखते हैं और जर्मनी-चीन की मजबूत मित्रता में योगदान के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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