अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में मोटापा का प्रसार लड़कियों में लगभग नौ प्रतिशत और लड़कों में 17 प्रतिशत है, जिसका कारण आंशिक रूप से पश्चिमी जीवनशैली का प्रभाव है।
यूरोपीय सोसायटी ऑफ कार्डियोलोजी के कार्डियोलोजी प्रिवेंशन विभाग के प्रवक्ता प्रोफेसर जोएप पर्क ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है।
चीन के शान्डोंग यूनिवर्सिटी से इस अध्ययन के मुख्य लेखक झांग यिंग शू ने बताया कि यह नतीजा पूरे देश के लिए बहुत मायने रखता है। चीन के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बच्चों में मोटापे को नजरअंदाज किया जाता है।
इस शोध के निष्कर्षो तक पहुंचने के लिए अध्ययनकर्ताओं ने शान्डोंग प्रांत के 27,840 बच्चों का साल 1985 से 2014 तक छह चरणों में आकलन किया था।
अध्ययन के अनुसार 1985 से 2014 तक के बीच लड़कों में मोटापे की दर 0.3 से बढ़कर 17.2 प्रतिशत हो गई। वहीं लड़कियों के बीच मोटापे की दर 2014 में 9.11 प्रतिशत रही, जो साल 1985 में 0.12 फीसदी थी।
झांग ने बताया कि चीन में पहले की तुलना में आज लोग शारीरिक रूप से कम सक्रिय और अधिक खाते हैं। पारंपरिक चीनी आहार की जगह उच्च वसायुक्त और अधिक कैलोरी वाले खाद्य पदार्थो ने ले लिया है, जिनमें फाइबर बहुत कम होता है।
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