राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने भाषण में क्षेत्र के सभी देशों के लिए शांतिपूर्ण विकास एवं समृद्धि के प्रति चीन की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
राजनेताओं और विद्वानों का कहना है कि बीजिंग में गुरुवार को हुई परेड से साफतौर पर इस बात का पता चला कि चीन शांतिप्रिय देश है और इसकी सैन्य शक्ति शांति स्थापना की दिशा में प्रभावी कार्य कर रही है।
राष्ट्रपति शी ने अपने भाषण में कहा कि चीन शांतिपूर्ण विकास के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। शी ने सैनिकों की संख्या में तीन लाख की कटौती करने का भी एलान किया।
बांग्लादेश के सूचना मंत्री हसनुल हक इनू ने कहा कि चीन ने न सिर्फ जापानी आक्रमणकारियों को हराया बल्कि द्वितीय विश्वयुद्ध में फांसीवादी ताकतों के खिलाफ लड़ाई में भी अभूतपूर्व योगदान दिया।
बांग्लादेश में बीएनपी पार्टी की राष्ट्रीय स्थाई समिति के सदस्य एवं बांग्लादेश के पूर्व चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ महबूब रहमान ने कहा कि चीन की सेना ने विश्व शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई है।
कंबोडिया की मंत्रिपरिषद के प्रवक्ता फे सिफन ने कहा कि शी जिनपिंग ने सैनिकों की संख्या में तीन लाख की कटौती करने का वादा किया है, जो शांतिपूर्ण विकास की चीन की इच्छा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सैन्य परेड का आयोजन राष्ट्रीय स्वतंत्रता एवं विश्व शांति के लिए लड़े चीनी सैनिकों और निर्दोष लोगों को सम्मानित करने के लिए किया गया।
फिजी की केंद्रीय मंत्रिमंडल के एक मंत्री ने भी चीन की विजय दिवस परेड की प्रशंसा की और चीन को शांतिप्रिय देश बताया।
भारतीय रणनीतिक विश्लेषक एवं पूर्व नौसेना कमांडर सी. उदय भास्कर ने गुरुवार को सैन्य परेड के दौरान दिए गए शी के भाषण पर कहा कि चीन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जापानी सैनिकों द्वारा चीनी लोगों पर किए गए अत्याचारों को चीन नहीं भूलेगा।
नेपाल के अधिकारियों ने भी चीन की प्रशंसा करते हुए कहा कि चीन ने हमेशा से नेपाल सहित पड़ोसी देशों की राष्ट्रीय स्वतंत्रता का सम्मान किया है।
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