इस परियोजना की पहल सन यात-सेन यूनिवर्सिटी ने की है। विश्वविद्यालय ने जुहाई परिसर में 30,000 वर्ग मीटर के अनुसंधान भवन, 10,000 वर्ग मीटर की अल्ट्रा-क्वाइट केव प्रयोगशाला और एक 5,000 वर्ग मीटर के अवलोकन स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू करने के लिए शिलान्यास समारोह का आयोजन किया।
इस बीच, विश्वविद्यालय इस अंतरराष्ट्रीय सहयोग कार्यक्रम के लिए शोध कर्मियों की भर्ती कर रहा है, जिसमें मुख्य रूप से चीनी वैज्ञानिकों का प्रभुत्व है।
विश्वविद्यालय के खगोल एवं अंतरिक्ष विज्ञान संस्थान में अध्यक्ष ली मियाओ ने कहा कि 15 अरब युआन की अनुमानित लागत से तिआनकिन का अगले 15 से 20 सालों में चार चरणों में विकास कार्य पूरा किया जाएगा और अंतत: गुरुत्वाकर्षण तरंगों का पता लगाने के लिए तीन उच्च-कक्षीय उपग्रहों का प्रक्षेपण किया जाएगा।
अमेरिकन लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रैविटेशनल वेव ऑब्जर्वेटरी (लीगो) द्वारा फरवरी माह में की गई गुरुत्वाकर्षण तंरगों की खोज ने दुनियाभर के वैज्ञानिकों को अपने अनुसंधानों में तेजी लाने के लिए प्रेरित किया।
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