बीजिंग, 14 सितम्बर (आईएएनएस)। चीन के एक वरिष्ठ नेता ने पहली बार चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की वैधता की बात कह कर सभी को चौंका दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि पार्टी के संवाद के तौर तरीके में यह बहुत महत्वपूर्ण बदलाव है।
सीपीसी के सेंट्रल कमीशन फार डिसिपलिन इंस्पेक्शन के प्रमुख वांग कीशान ने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी का मुख्य मकसद लोगों से किए वादों को पूरा करना है और ऐसा करने के लिए कड़ा अनुशासन बेहद जरूरी है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक वांग ने यह बात एक ऐसी कांफ्रेंस में कही जिसमें 60 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति थाबो मबेकी और आस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री केविन रुड भी शामिल थे।
वांग ने कहा, “सत्तारूढ़ पार्टी (सीपीसी) की वैधता इतिहास से निकली हुई है और यह लोगों का चयन है।”
वैधता की इस बात को विशेषज्ञों ने काफी अहमियत दी है। सेंट्रल इंस्टीट्यूट आफ सोशलिज्म के प्रोफेसर वांग जानयांग ने द गोल्डन टाइम्स से कहा कि इससे पहले चीन के नेता इस शब्द के इस्तेमाल से बचते थे क्योंकि उनके लिए यह कोई मुद्दा नहीं था। उनका मानना था पार्टी की वैधता पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए।
जानयांग ने कहा कि वांग के बयान ने पार्टी की वैधता पर मुहर लगाई और साथ ही लोगों से किए वादों को पूरा करने पर जोर भी दिया।
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