चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने फाइनेंशियल टाइम्स की रपट पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह बात कही।
रपट में कहा गया है कि वाशिंगटन ने ब्रसेल्स को चेतावन दी है कि वह चीन को बाजार अर्थव्यवस्था का दर्जा न दे, क्योंकि इससे अमेरिका और यूरोप के बाजारों में चीन के सस्ते उत्पादों की डंपिंग से बचाने की कोशिशों पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
लू ने संवाददाताओं से कहा, “उम्मीद है कि यह एक अफवाह होगी।” उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार प्रणाली मर्यादा की रक्षा करना डब्ल्यूटीओ के सभी सदस्यों की साझा जिम्मेदारी है।
यूरोपीय संघ ने चीन को अभी पूर्ण बाजार अर्थव्यवस्था का दर्जा नहीं दिया है, इसलिए चीन पर डंपिंग का आरोप लगाने वाले देश हमेशा बाजार अर्थव्यवस्था माने जाने वाले दूसरे देश के आंकड़े का उपयोग करते हैं।
लू ने कहा कि चीन के 2001 में डब्ल्यूटीओ में शामिल होने से संबंधित प्रोटोकॉल के मुताबिक यह परिपाटी 11 दिसंबर, 2016 तक बंद हो जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि समझौतों का पालन करना अंतर्राष्ट्रीय कानून का बुनियादी सिद्धांत है। कोई भी पक्ष अंतर्राष्ट्रीय समझौतों के प्रति अपनी वैधानिक जवाबदेही से मुंह नहीं फेर सकता है और वह अपने घरेलू कानून का हवाला देकर चीन की कंपनियों के प्रति अनुचित और भेदभावपूर्ण व्यवहार नहीं कर सकता है।
लू ने कहा कि चीन डब्ल्यूटीओ के तहत अपने सभी दायित्व निभा रहा है और वह डब्ल्यूटीओ के तहत मिले अधिकारों का भी उपयोग करना चाहता है।
चीन और यूरोपीय संघ के बीच मजबूत व्यापारिक सहयोग की सराहना करते हुए प्रवक्ता ने यूरोप से अनुरोध किया कि वह डब्ल्यूटीओ के नियमों का पालन करेगा और डब्ल्यूटीओ में चीन के शामिल होने संबंधी प्रोटोकॉल से संबंधित दायित्वों को निभाने के लिए वाजिब कदम उठाएगा।
उन्होंने कहा, “इससे चीन और ईयू का व्यापारिक संबंध बेहतर बनेगा।”
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