प्रांतीय वन्य विभाग ने इस अभियान की शुरुआत 1 अक्टूबर 2015 को की थी और यह मार्च 2016 तक चलेगा।
अब तक विभाग ने इस अभियान के तहत कुल 52,140 लोगों को अलग-अलग 3,791 ठिकानों से गिरफ्तार किया। इन्हें पशुबाड़े, बाजारों, रेस्तरांओं और दवा दुकानों से गिरफ्तार किया गया। इनमें से 314 संदिग्धों से 80,097 हथियार बरामद किए गए जो शिकार करने में प्रयोग लाए जा रहे थे।
जिलिन प्रांतीय वन्य विभाग के कार्यकारी निदेशक वांग वेई ने अभियान के बारे में कहा कि यह प्रांत के इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे चुनौतीपूर्ण शिकार रोकने का अभियान है। इनमें मुख्य जोर जानवरों की बसावट को बचाने और उनके शिकार को रोकने पर है।
जिलिन प्रांत में प्रचुर मात्रा में वन संसाधन है जिनमें कई तरह के जानवरों और पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती हैं। यहां साइबेरियाई बाघ, सिका हिरण, ओरिएंटर सफेद स्ट्रोक और लाल ताज वाले क्रेन जैसी विलुप्तप्राय प्रजातियां भी मौजूद हैं।
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