बीजिंग, 19 मार्च (आईएएनएस)। चीन में वर्ष 2010 से बेचे गए टीकों का उचित प्रबंधन नहीं किए जाने का मामला सामने आया है, जिसके कारण मरीजों के जीवन को खतरा पैदा हो गया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने इस मामले की जांच कराने का अनुरोध किया है।
बताया जाता है कि इन टीकों का बाजार मूल्य करीब 57 करोड़ युआन (8.8 करोड़ डॉलर) का है, जिनका रखरखाव उचित तरीके से नहीं किया गया था और जिसके कारण टीका लेने वालों की जान को खतरा हो सकता है।
‘ग्बोबल टाइम्स’ की शनिवार की रिपोर्ट के अनुसार, संदिग्धों में एक महिला पेंग (47) और उसकी बेटी सुन शामिल है, जिसने मेडिकल स्कूल से स्नातक किया है। आरोप है कि दोनों ने साल 2010 से गैरकानूनी तरीके से वयस्कों और बच्चों से संबंधित 25 तरह के टीकों की बिक्री की, जिसका प्रबंधन उन्होंने उचित तरीके से नहीं किया था।
पुलिस के अनुसार, टीके चोंगकिंग, शांक्सी तथा जिलिन सहित 10 प्रांतीय क्षेत्रों से 247 लोगों ने खरीदे। इनमें फ्लू, हेपेटाइटिस बी और रेबीज के टीके शामिल हैं।
चीन के खाद्य तथा औषधि प्रशासन ने स्थानीय विभागों से इन टीकों की जांच तथा संदिग्ध टीकों को जब्त करने की अपील की है।
इधर, पेंग के बैंक खाते में पिछले पांच सालों में 31 करोड़ युआन जमा होने की जानकारी मिली है।
संदिग्धों पर गैरकानूनी तरीके से व्यापार करने का आरोप लगाया गया है और अब कानूनी कार्रवाई शुरू होने का इंतजार है। इस मामले में 20 शहरों को जांच में सहयोग करने और टीका खरीदने वालों की पहचान करने का आग्रह किया गया है।
संदिग्ध मां-बेटी के अतिरिक्त इस मामले में इनर मंगोलिया, हेबेई और शानडोंग क्षेत्रों से भी छह संदिग्धों को गैरकानूनी तरीके से व्यापार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, जबकि 10 अन्य को हिरासत में लिया गया है।
स्थानीय पुलिस अधिकारी चेन बो ने बताया कि टीकों को बिना रेफ्रिजरेशन के रखा गया था और जब मां तथा बेटी को गिरफ्तार किया गया था, उस वक्त स्टोर का तापमान 14 डिग्री सेल्सियस के आसपास था।
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