चाइना एसोसिएशन ऑफ ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स (सीएएम) एंड निल्सन द्वारा जारी एक रपट के मुताबिक, लगभग 14 फीसदी लोगों ने लंबे समय तक चलने व चार्जिग की सुविधाओं पर कम निर्भरता के कारण पीएचईवी वाहनों को तरजीह दी, जबकि मात्र आठ फीसदी लोगों ने बीईवी वाहनों को तरजीह दी है। बावजूद इसके, साल 2015 की पहली छमाही के दौरान बीईवी की बिक्री पीएचईवी से दोगुनी रही।
सीएएएम के मुताबिक, बीते साल की पहली छमाही की तुलना में वर्तमान साल की छमाही के दौरान नवीन ऊर्जा वाहनों की बिक्री दोगुनी से भी अधिक रही और इसके साथ ही चीन के सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक वाहन बाजार बनने की संभावना बन गई है।
रपट में यह भी कहा गया है कि चीन के इलेक्ट्रिक वाहन बाजार के विकास में कम समय तक चलना, चार्जिग में अधिक समय लगना तथा रखरखाव केंद्रों की कम संख्या बाधा है और रपट इस बात का भी खुलासा करती है कि उपभोक्ता नवीन ऊर्जा कारें खरीदने व इस्तेमाल करने के लिए अधिक सुविधानजक नीति की उम्मीद करते हैं।
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