सिनोपेक ने कहा कि 2017 तक इस गैस क्षेत्र से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और 2017 तक शैल गैस का वार्षिक उत्पादन 10 अरब हो जाएगा।
गैस क्षेत्र से महीने में प्रतिदिन 1.5 करोड़ घन मीटर गैस का उत्पादन हो रहा है। इसका अर्थ है कि इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता पांच अरब घन मीटर है, जिससे तीन करोड़ घरों की गैस की जरूरतें पूरी हो सकती हैं।
सिनोपेक के मुताबिक, गैस क्षेत्र से लगभग 3.88 अरब घन नीटर गैस का उत्पादन हो रहा है।
शैल गैस मुख्य रूप से मीथेन होती है। इसे स्वच्छ और नया ऊर्जा संसाधन माना जा रहा है।
भूमि एवं संसाधन मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि फलिंग गैस क्षेत्र की खोज 2012 में की गई थी। इससे 380.6 अरब घन मीटर शैल गैस की खोज की गई है।
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