अमेरिका के लिए मंगलवार को रवाना होने से पहले वाल स्ट्रीट जर्नल को लिखित तौर पर दिए साक्षात्कार में शी ने कहा, “चीन सुधार और खुलेपन को और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
शी ने गत सप्ताह पूर्व अमेरिकी अधिकारियों और कारोबारियों से एक मुलाकात में कहा था कि चीन सुधार और खुलेपन के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और उम्मीद है कि उनका इसमें सक्रिय सहयोग मिलेगा।
शी की अमेरिका यात्रा से जहां चीन और अमेरिका को काफी उम्मीदें हैं, वहीं चीन-ब्रिटेन सहयोग के सकारात्मक परिणाम आने लगे हैं। सोमवार को बीजिंग में सातवें चीन-ब्रिटेन आर्थिक और वित्तीय वार्ता के दौरान दोनों देशों में परमाणु ऊर्जा, तेज रफ्तार रेलवे, अवसंरचना तथा अन्य क्षेत्रों में 53 समझौते हुए।
दोनों देशों ने शंघाई और लंदन स्टॉक एक्सचेंज को जोड़ने की संभावना पर विचार करने का भी फैसला किया।
चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग ने ब्रिटेन के वित्तमंत्री जॉर्ज ऑस्बॉर्न से कहा कि चीन खुले और समावेशी तरीके से सहयोग के लिए तैयार है।
इन समझौतों से पता चलता है कि खुलापन उस स्तर पर पहुंच चुका है, जिसके बारे में एक दशक पहले सोचा भी नहीं जा सकता था।
चीन आज अधिकाधिक वैश्विक सहयोग के साथ अंतर्राष्ट्रीय मामलों में अधिक से अधिक हस्तक्षेप कर रहा है।
शी ने इस दिशा में एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक और बेल्ट एंड रोड कार्यक्रम का जिक्र किया।
पिछले दिनों चीन के शेयर बाजारों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही थी और कई आर्थिक संकेतकों का प्रदर्शन निराशाजनक था। इससे चीन की उच्च विकास दर को कायम रख पाने को लेकर चिंता पैदा हो रही थी। चीन ने खुलेपन और सुधार को इसके समाधान के रूप में अपनाया। शी ने गत सप्ताह कहा कि खुलेपन और सुधार से अर्थव्यवस्था को एक नई गति मिलेगी और विकास की अतिरिक्त गुंजाइश बनेगी।
‘सेंट्रल लीडिंग ग्रुप फॉर डीपेनिंग ऑवरऑल रिफॉर्म’ की 16वीं बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “चीन को विदेशी निवेश और विशेषज्ञता आकर्षित करने के लिए प्रतिबद्ध रहना चाहिए और खुलेपन की नीति को और बेहतर तरीके से आगे बढ़ाना चाहिए।”
वाशिंगटन के थिंक टैंक ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूशन के सह-अध्यक्ष जॉन थॉर्नटन ने कहा कि चीन वैश्विक अर्थव्यवस्था में अधिकाधिक आत्मनिर्भर हो रहा है और अधिकाधिक जुड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय और वैश्विक सहयोग और नीतिगत तालमेल से सभी पक्षों के लिए संतोषजनक परिणाम आ सकते हैं।
थॉर्नटन ने कहा, “चीन गत करीब 40 वर्षो से सुधार और खुलेपन की तरफ बढ़ रहा है और वह इस दिशा में बढ़ता रहेगा।”
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