देश की भ्रष्टाचार रोधी एजेंसी ने शनिवार को बताया कि इन दोनों भगोड़ों पर संयुक्त रूप से 2.996 करोड़ युआन (45.6 लाख डॉलर) के सार्वजनिक धन के गबन का आरोप है। इस हेराफेरी के बाद दोनों लगभग डेढ़ साल पहले देश छोड़कर भाग गए थे।
सेंट्रल कमिशन फॉर डिस्प्लिीन इंस्पेक्शन (सीसीडीआई) ने बताया कि दोनों भगोड़ों-फू याओबो और झांग किंगझाओ का नाम चीन की 100 मोस्ट वांटेड भगोड़ों की आधिकारिक सूची में भी शामिल हैं, जो अप्रैल में जारी हुई थी। इन दोनों भगोड़ों को कैरेबियाई देश सैंट विंसेंट एंड ग्रेनाडाइन्स से प्रत्यर्पित कर चीन लाया गया है।
फू (50) चीन के लियाओनिंग प्रांत के बेंक्सी शहर के सामाजिक सुरक्षा टुकड़ी में कर्मचारी था, जबकि झांग (44) इसी टुकड़ी में खजांची थी। फू और झांग सितंबर 2014 से फरार थे। इस दौरान ये दोनों थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर, ग्रेनाडा और सेंट विंसेंट एंड ग्रेनाडाइन्स में रहे।
dharmpath.com dharmpath