बीजिंग, 1 मार्च (आईएएनएस)। चीन के जंगलों में रह रहे 223 विशालकाय पांडाओं का अस्तित्व खतरे में है। एक अधिकारिक अध्ययन में यह जानकारी मिली।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, स्टेट फॉरेस्ट्री एडमिनिस्ट्रेशन (एसएफए) द्वारा आयोजित अध्ययन के मुताबिक पांडा की आबादी वन्यजीवों की आबादी का 12 प्रतिशत है। विशाल पांडा चीन के वन्यक्षेत्रों में 24 पृथक जगहों पर रहते हैं।
सर्वेक्षण में कहा गया है, “पांडाओं का अस्तित्व खतरे में हैं और स्थिति अभी भी चिंताजनक है।”
रपट के मुताबिक, भोगौलिक अलगाव और मानव हस्तक्षेप के परिणामस्वरूप वन्य आबादी क्षेत्र 33 आबादी क्षेत्रों में बंट गए हैं। इन 33 आबादी क्षेत्रों में से 22 क्षेत्रों में 30 से भी कम पांडा रहते हैं वहीं इन 22 क्षेत्रों में 18 आबादी क्षेत्र ऐसे हैं जहां पर 10 से भी कम पांडा रहते हैं, जिससे इनके अस्तित्व पर खतरा बढ़ गया है।
विशाल पांडाओं के निवास क्षेत्र में 2003 से 11.8 फीसदी बढ़ाया गया है। अब यह निवास क्षेत्र बढ़ाकर 25.8 लाख हेक्टेयर कर दिया गया है।
निवास क्षेत्रों का विखंडन पांडा के अस्तित्व के खतरे का बड़ा कारण है।
सर्वेक्षण में पाया गया है कि विशाल जंगली पांडाओं के निवास स्थानों में 319 पनबिजली संयंत्र, 1339 किमी लंबी सड़कें, 984 आवासीय क्षेत्र, 479 खदानें और 25 पर्यटक आकर्षण आते हैं जो कि इनके लिए बड़ा खतरा है।
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