बर्लिन, 30 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत में कारोबार करने वाली जर्मनी के लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए मेक इन इंडिया मिटलस्टैंड (एमआईआईएम) अभियान ने जर्मनी को काफी आकर्षित किया है और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में मजबूती आई है।
जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल के साथ भारत-जर्मन व्यापार सम्मेलन में हिस्सा लेते हुए मोदी ने कहा, “जर्मनी ने मेक इन इंडिया अभियान में बड़ा योगदान दिया है। जर्मन कंपनियों को भारतीय बाजार में निवेश करने के लिए आकर्षित करने के उद्देश्य से सितंबर, 2015 में शुरू किया गया रणनीतिक कार्यक्रम ‘एमआईआई मिटलस्टैंड’ बेहद सफल साबित हुआ है।”
मोदी ने कहा, “जर्मनी की 83 से अधिक कंपनियों ने इस कार्यक्रम से जुड़ने की इच्छा जताई है। इनमें 73 कंपनियां कार्यक्रम का हिस्सा बन चुकी हैं, जबकि 47 कंपनियां निवेश करने के प्रारंभिक दौर में हैं।”
मोदी ने कहा कि इंडो-जर्मन मैनेजर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत जर्मन कंपनियों ने भारतीय बाजार में अपना निवेश बढ़ाया है और भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारियां की हैं।
मोदी ने कहा, “इस कार्यक्रम से भारत के 500 से अधिक प्रबंधक लाभान्वित हुए हैं।”
जर्मनी को वैश्विक स्तर पर भारत का ‘सबसे अहम’ साझेदार बताते हुए मोदी ने भारत में कारोबार करने वाली जर्मनी की बड़ी कंपनियों के उदाहरण दिए। गौरतलब है कि जर्मनी, भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करने वाला सातवां सबसे बड़ा देश है।
मोदी ने कहा, “बोस, सीमेंस, बीएएसएफ..इन्होंने भारत में विशेष अनुसंधान एवं विकास संस्थान शुरू किए हैं। मर्सिडीज बेंज ने पुणे के चाकन में अपना दूसरा कारखान शुरू किया है, जिससे अब मर्सिडीज भारत में दोगुना (20,000 वाहन प्रति वर्ष) उत्पादन करेगी।”
मोदी ने विदेशी निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से व्यापार को सहज बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा, “पिछले सप्ताह हमने अपना विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) भंग कर दिया, ताकि विदेशी कंपनियां भारतीय बाजार में आसानी से कारोबार कर सकें। भारत में 2016-17 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़कर 60 अरब डॉलर पहुंच गया।”
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