चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सितंबर के अंत में अमेरिकी दौरे के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ मिलकर पृथ्वी को इस खतरे से बचाने की तीव्र इच्छा और प्रतिबद्धता जताई।
मैरीलैंड विश्वविद्यालय में चीन के मामलों के निदेशक नाथानियल अहरेन्स ने कहा, “जलवायु से जुड़े मुद्दों पर चीन और अमेरिका के बीच साझेदारी बढ़ी है।” अमेरिका में चीन के राजदूत कूई तिआनकाई ने भी मौजूदा समय में दोनों देशों के लिए जलवायु परिवर्तन से निपटने को प्राथमिकता बताई।
चीन को घरेलू वायु प्रदूषण से निपटने की जरूरत है, जबकि अमेरिका सूखे और तूफानों जैसी वायुमंडलीय स्थितियों से जूझ रहा है। इस साल पेरिस में होने वाली संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन से पहले शी और ओबामा की 2014 में बीजिंग में एपेक सम्मेलन से इतर हुई बैठक में जलवायु परिवर्तन पर एक संयुक्त बयान जारी किया गया, जिसमें दोनों देशों ने जलवायु परिवर्तन से निपटने में अपने 2020 उद्देश्यों की घोषणा की।
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