जापान के इस स्कूल में उपस्थित होने की जरूरत नहीं

टोक्यो, 7 मई (आईएएनएस)। जापान में पहली बार एक ऐसा स्कूल शुरू किया गया है जहां विद्यार्थी और अध्यापक एकदूसरे से इंटरनेट पर अपने-अपने अवतारों के जरिए एकदूसरे से संपर्क करते हैं।

टोक्यो, 7 मई (आईएएनएस)। जापान में पहली बार एक ऐसा स्कूल शुरू किया गया है जहां विद्यार्थी और अध्यापक एकदूसरे से इंटरनेट पर अपने-अपने अवतारों के जरिए एकदूसरे से संपर्क करते हैं।

जापान का यह स्कूल ऐसे लोगों को शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से खोला गया है जो एगोराफोबिया की तरह के विकार से पीड़ित होते हैं और खुद को समाज से काट लेते हैं। ऐसे लोगों को जापान में ‘हिक्कियोमोरी’ कहा जाता है।

24 अप्रैल से शुरू इस स्कूल के पहले बैच में 204 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है तथा पाठ्यक्रम के लिए शुल्क 180,000 येन (1,500 डॉलर) प्रतिवर्ष रखी गई है।

इस स्कूल से अध्ययन पाने के लिए विद्यार्थी अपने विशिष्ट अवतार बना सकते हैं, जिसके लिए अनगिनत हेयर स्टाइल से लेकर वस्त्रों के चयन का विकल्प मौजूद है। हालांकि इस स्कूल में विद्यार्थियों के लिए अपने अवतारों के जरिए ही नियमित उपस्थित होना अनिवार्य है।

विद्यार्थियों को इसके लिए अपने कंप्यूटर, टैबलेट या मोबाइल फोन पर एक सॉफ्टवेयर इंस्टाल करना होता है।

इस सॉफ्टवेयर प्रोग्राम के जरिए विद्यार्थी अपने अवतार को अध्ययन के लिए कक्षा भेजने का निर्देश दे सकता है, किसी ऑडियोविजुअल सामग्री या ईबुक का उपयोग कर सकता है, यहां तक कि अन्य विद्यार्थियों और अध्यापकों के अवतारों से चैट इंटरफेस के जरिए संपर्क भी कर सकता है।

यह आभासी स्कूल चिबा क्षेत्र के मेइसेइ हाई स्कूल ने शुरू किया है। मेइसेइ हाई स्कूल लंबे समय से दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम के जरिए स्नातक की शिक्षा देता रहा है।

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