द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जापान द्वारा कोरियाई महिलाओं को यौन दासियों के रूप में इस्तेमाल करने के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच सोमवार को एक समझौता भी हुआ।
जापान के विदेश मंत्री फुमियो किशिदा ने अपने दक्षिण कोरियाई समकक्ष युन बयुंग-से के साथ एक बैठक के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में एक बयान पढ़ा, जिसमें कहा गया कि ‘प्रधानमंत्री आबे शारीरिक व मानसिक तौर पर यातना झेलने वाले लोगों से माफी मांगते हैं और उन्हें इसका पछतावा है।’
आबे ने अपने बयान में ‘दिल से माफी व पश्चाताप’ की बात प्रमुखता से कही।
बयान में हालांकि, इसके लिए कानूनी जिम्मेदारी निर्धारित करने का जिक्र नहीं है, जिसकी मांग पीड़िताओं ने आबे के मंत्रिमंडल से की थी।
इस समझौते से दोनों देशों के बीच संबंधों में प्रगति आने की उम्मीद है। इस मुद्दे को लेकर दोनों देशों के संबंध दशकों से तनावपूर्ण रहे हैं।
ऐसा पहली बार हुआ है, जब जापान की सरकार ने युद्ध अपराध के लिए आधिकारिक तौर पर जिम्मेदारी ली है।
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