मौजूदा समय में एमआईटी और जनरल स्टाफ प्रधानमंत्री कार्यालय के तहत हैं। के बाद यह बयान आए।
यह बयान देश में 15 जुलाई को असफल सैन्य प्रयास के बाद तुर्की की सुप्रीम सैन्य परिषद (वाईएएस) की गुरुवार को अंकारा में हुई बैठक के बाद आया।
इस बैठक में देश के सैन्य ढांचे की पुर्नसरचना पर चर्चा की गई।
इससे कुछ दिनों पहले ही तुर्की के प्रधानमंत्री बिनाली यिलदिरीम ने कहा कि एर्दोगन की अनुमति के बाद वाईएएस के फैसलों को जनता के साथ साझा किया जाएगा।
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