न्यूयार्क, 27 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के शोधार्थियों के एक समूह ने पहली बार जीका वायरस संबंधी तथ्यों को जुटाकर इसका खाका तैयार किया है। जीका के 9 पॉजिटिव रोगियों से शुरू हुआ वायरस का प्रकोप कोलंबिया में अब तक 13 हजार से अधिक व्यक्तियों को अपनी चपेट में ले चुका है।
पिछले साल अक्टूबर यूनिवर्सिटी ऑफ विसकन्सिन-मैडिसन (यूडब्लू-मैडिसन) और कोलंबिया की एक यूनिवर्सिडाड डी सक्री के शोधर्थियों के समूह ने दक्षिण अमेरिकी देशों में जीका वायरस के प्राथमिक जांचों की पुष्टि की थी।
यूडब्लू मैडिसन स्कूल ऑफ वेटरीनरी मेडिसिन (एसवीएम) के शोध वैज्ञानिक और इस अध्ययन के मुख्य लेखक मैथ्यू एलियोटा ने बताया, “कोलंबिया व ब्राजील के बाद दूसरा देश है, जो जीका संक्रमण के लिए जाना गया।”
इस शोध में दिखाया गया है कि जीका वायरस दो प्रजातियों में बंट गया था- अफ्रीकन और एशियन। कोलंबिया में फैले संक्रमण ने ब्राजील को निशाना बनाया, जिसकी शुरुआत फ्रेंच पोलीनेसिया में हुई थी।
एलियोटा ने बताया, “इस वायरस में बिल्कुल अलग बात देखने को मिली है कि इसने अपना भौगोलिक विस्तार किया है।”
यह जीका वायरस मानवों में मच्छरों के द्वारा फैल रहा है। इसकी वजह से बुखार, त्वचा में चकत्ते, जोड़ों का दर्द और अन्य कई संक्रमण होते हैं। आधिकारिक तौर पर कहा गया है कि पांच में से चार लोग इस वायरस के संपर्क में आने से बीमार नहीं होते हैं, लेकिन यह बहुत घातक है।
ब्राजील में जीका वायरस से संक्रमित गर्भवती महिलाओं ने छोटी और असामान्य मस्तिष्क वाली संतानों को जन्म दिया है। इस स्थिति को माइक्रोसेफेली कहते हैं।
एलियो ने कहा, “जो महिलाएं गर्भधारण की योजना बना रही हैं, उनसे गुजारिश है कि वह अपनी इस योजना को कुछ वर्षो के लिए टाल दें। इसके अलावा जो गर्भवती हैं, वह अपनी छुट्टियों की योजना को रद्द कर दें।
यूएस सेंटर्स फॉर डिसीस कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने महिलाओं को चेताया है कि उन्हें फिलहाल जीका संक्रमित 20 देशों की यात्रा नहीं चाहिए। इनमें ब्राजील, कोलंबिया, इक्वाडोर और कैरिबियाई देश शामिल हैं। इन देशों में मच्छर के द्वारा मानवों में वायरस फैल रहा है।
dharmpath.com dharmpath