दमिश्क, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। जी-7 देशों के विदेश मंत्रियों ने मंगलवार को तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन तथा कतर के अपने समकक्षों के साथ सीरिया मुद्दे पर चर्चा की।
समाचार एजेंसी एफे न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, सीरिया के उत्तरी प्रांत इदलिब के जान शिजुन में बीते चार अप्रैल को कथित तौर पर सीरियाई राष्ट्रपति बसर अल असद की सरकार द्वारा रासायनकि हमले के बाद हालात का अध्ययन करने के लिए यह असामान्य बैठक आहूत की गई। रासायनिक हमले में कम से कम 87 लोग मारे गए हैं।
इस हमले के खिलाफ अमेरिका ने सीरिया के शायरात हवाईअड्डे पर 59 टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों से हमला किया था। माना जा रहा है कि इसी बेस से उड़ान भरकर विमानों ने रासायनिक हमले को अंजाम दिया था।
इटली के विदेश मंत्री एंजेलिनो अलफांसो ने कहा कि सीरिया में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) का फन कुचलने के लिए रूस को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर सीरिया में सत्ता के राजनीतिक बदलाव में मदद करनी चाहिए।
जी-7 के एजेंडे मे अन्य मुद्दे जैसे आतंकवाद, लीबिया में अस्थिरता तथा उत्तर कोरिया द्वारा संभावित परमाणु व बैलिस्टिक मिसाइल विकास कार्यक्रम भी शामिल हैं।
दुनिया के सबसे अधिक औद्योगिकीकृत सात देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक इटली के लुका शहर में हो रही है। बैठक सोमवार को शुरू हुई, जो मंगलवार तक चलेगी। बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन होगा।
बैठक में अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन तथा इटली, जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, कनाडा के विदेश मंत्री और यूरोपीय संघ के विदेश मामलों के उच्च प्रतिनिधि शिरकत कर रहे हैं।
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