टोक्यो, 27 मई (आईएएनएस)। जी7 सदस्यीय देशों के नेताओं ने शुक्रवार को आतंकवाद एवं हिंसक चरमपंथ से निपटने के लिए एक कार्ययोजना अपनाई, जिसमें खुफिया जानकारी को साझा करना और सीमा सुरक्षा पर सहयोग बढ़ाना शामिल है।
जापान के इसे-शिमा शहर में जी7 शिखर सम्मेलन में अपनाए गए घोषणा-पत्र के मुताबिक, यह कदम बढ़ते आतंकवादी हमलों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
घोषणा-पत्र के मुताबिक, जी7 समूह के नेताओं ने आतंकवाद को ‘वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा’ करार देते हुए इससे लड़ने के लिए ‘सामूहिक व समन्वित प्रयास’ पर जोर दिया।
समाचार एजेंसी ‘एफे’ की रिपोर्ट के अनुसार, विश्व की सात सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं (जी7 समूह) के प्रमुखों ने इस्लामिक स्टेट (आईएस), अलकायदा व उन अन्य आतंकवादी संगठनों द्वारा ‘मानवाधिकारों के हनन व अत्याचारों’ की भी निंदा की, जो शांति व अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ पूरी मानवजाति के साझा मूल्यों व आदर्शो के लिए एक गंभीर खतरा हैं।
बयान में आंतकवादी संगठनों के लिए ‘भर्ती व वित्तपोषण’ सहित अन्य आतंकवादी प्रयोजनों के लिए इंटरनेट व सोशल मीडिया के दोहन के खिलाफ भी चेताया गया और बढ़ते आतंकवादी खतरों को देखते हुए विमान यात्रा संबंधी सुरक्षा कड़ी करने की जरूरत पर भी बल दिया गया।
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