मुंबई, 5 मई (आईएएनएस)। भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शुक्रवार को खुलासा किया कि 1,819 कंपनियों व व्यक्तियों ने अधिनिर्णय के माध्यम से उसके द्वारा 31 दिसंबर 2017 तक लगाए गए जुर्माने का भुगतान नहीं किया।
विनियामक की ओर से शुक्रवार को जारी चूककर्ताओं की सूची में 1998 के सबसे पुराना मामला समेत कुछ 2000 के मामले शामिल हैं।
सूची में 31 दिसंबर 2017 तक पारित आदेशों के अनुसार चूककर्ताओं को शामिल किया गया है।
सेबी इन चूककर्ताओं की जायदाद, परिसंपत्ति व खाते जब्त कर उनसे बकाये की वसूली कर सकती है।
केंद्र सरकार ने 2013 में सेबी को किसी प्रकार के जुर्माने व शुल्क का भुगतान नहीं करने वाली कंपनियों व व्यक्तियों की जायदाद व बैंक खाते जब्त करने की शक्ति प्रदान की थी।
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